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दुर्गा जी के भजन बुढ़िया के गहने लेकिन अब हकीकत में मुमकिन नही... सुबह वाली चाय तोह मैं बन ही जाऊँगा एहसास चाय अदरक वाली कठिन परिश्रम यादोमें तोह हम हमेशा ही साथ रहेंगे खूबसूरत शाम वीरों के याद इन दिखावे वालें अपनों से... प्रेम स्त्री विमर्श शाम से गुपचुप बातें दिल रहना दुनिया मकड़ी की जाल के समान संसार माता रानी का भजन साथ

Hindi लेकिन तू चाय के साथ वाली नमकिन नही... हो सके तोह दूर ही रहना Audios